चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर
चक्रवृद्धि ब्याज वह ब्याज है जो मूलधन और पहले से अर्जित ब्याज दोनों पर बनता है — इसीलिए आइन्स्टाइन ने इसे दुनिया का आठवां आश्चर्य कहा था। अपने निवेश का भविष्य मूल्य कैलकुलेट करें।
चक्रवृद्धि ब्याज फ़ॉर्मूला
A = P × (1 + r/n)^(n×t), जहाँ A अंतिम राशि, P मूलधन, r वार्षिक ब्याज दर (दशमलव), n प्रति वर्ष चक्रवृद्धि आवृत्ति (त्रैमासिक = 4, मासिक = 12), और t वर्षों की संख्या है।
चक्रवृद्धि आवृत्ति का प्रभाव
अधिक चक्रवृद्धि आवृत्ति = अधिक रिटर्न। ₹1 लाख पर 10% पर 10 साल: वार्षिक चक्रवृद्धि से ₹2,59,374, त्रैमासिक से ₹2,68,506, मासिक से ₹2,70,704। भारतीय बैंक आमतौर पर FD पर त्रैमासिक चक्रवृद्धि का उपयोग करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज में क्या अंतर है?
साधारण ब्याज केवल मूलधन पर बनता है। चक्रवृद्धि ब्याज मूलधन और संचित ब्याज दोनों पर बनता है, इसलिए यह दीर्घकालीन में प्रतिफलों को तेज़ी से बढ़ाता है।
72 का नियम क्या है?
72 का नियम: अपने निवेश को दोगुना करने में कितना समय लगेगा = 72 ÷ वार्षिक ब्याज दर। 12% पर ₹1 लाख 6 साल में ₹2 लाख हो जाएगा।
चक्रवृद्धि ब्याज कहाँ लागू होता है?
FD, PPF, EPF, NPS, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड — भारत के अधिकांश लंबे समय के निवेश उत्पाद चक्रवृद्धि ब्याज प्रदान करते हैं।